कई दुकानों पर आज भी नकद ही सबसे ज़्यादा चलता है, लेकिन Income-tax Act इस पर सख़्त सीमा लगाता है, और penalty पूरी रकम के बराबर होती है। 1 अप्रैल 2026 से ये नियम Income-tax Act, 2025 में नए section नंबरों में हैं। सीमाएँ नहीं बदलीं।
मुख्य बात: किसी एक व्यक्ति से एक दिन में, एक सौदे या एक मौके के लिए ₹2 लाख या ज़्यादा नकद न लें। ₹20,000 या ज़्यादा का लोन या advance नकद में न लें और न लौटाएँ। एक व्यक्ति को एक दिन में ₹10,000 से ज़्यादा नकद खर्च का टैक्स में फ़ायदा नहीं मिलेगा।
प्रमाण तालिका: पुराने बनाम नए section नंबर
| नियम | सीमा | 1961 Act | 2025 Act | नतीजा |
|---|---|---|---|---|
| नकद लेना | प्रति व्यक्ति प्रति दिन / सौदा / मौका ₹2,00,000 या ज़्यादा | 269ST | 186 | Penalty = रकम का 100% (Sec 451) |
| नकद लोन, जमा या प्रॉपर्टी advance लेना | ₹20,000 या ज़्यादा | 269SS | 185 | Penalty = 100% (Sec 450) |
| लोन या जमा नकद में लौटाना | ₹20,000 या ज़्यादा | 269T | 188 | Penalty = 100% (Sec 453) |
| बिज़नेस खर्च नकद में देना | प्रति व्यक्ति प्रति दिन ₹10,000 से ज़्यादा | 40A(3) | 36(4) | खर्च नामंज़ूर |
| ट्रांसपोर्टर (गाड़ी किराया) | प्रति दिन ₹35,000 से ज़्यादा | 40A(3) proviso | 36(6) | खर्च नामंज़ूर |
| डिजिटल भुगतान सुविधा | Turnover ₹50 करोड़ से ज़्यादा | 269SU | 187 | हर दिन ₹5,000 (Sec 452) |
Act के अनुसार सुरक्षित तरीके हैं: account payee cheque, account payee bank draft, बैंक खाते से electronic clearing, या कोई और prescribed electronic mode। Income-tax rules में UPI, card, net banking, IMPS, NEFT और RTGS इसके लिए prescribed हैं।
₹2 लाख का नियम, उदाहरणों के साथ
₹2 लाख की सीमा (Sec 186) तीन तरह से देखी जाती है, और किसी एक को पार करना भी उल्लंघन है:
| स्थिति | चलेगा? |
|---|---|
| एक ग्राहक दो अलग ऑर्डर के लिए सोमवार ₹1,50,000 और बुधवार ₹1,50,000 नकद देता है | हाँ — अलग दिन, अलग सौदे |
| एक ग्राहक एक सोफ़ा सेट के ₹2,10,000 नकद, उसी दिन दो बिल बनवाकर देता है | नहीं — वही व्यक्ति, वही दिन |
| एक शादी के caterer को उसी शादी के लिए तीन बार ₹80,000 नकद | नहीं — एक मौका, कुल ₹2,40,000 |
| ज्वैलर को ₹1,99,000 नकद और ₹1,00,000 UPI से | हाँ — नकद हिस्सा ₹2 लाख से कम |
Penalty नकद लेने वाले पर लगती है, देने वाले पर नहीं। ₹2,50,000 नकद लेने वाली दुकान पर ₹2,50,000 की penalty लग सकती है। सिर्फ़ उचित कारण साबित करने पर ही इससे बचा जा सकता है।
₹10,000 खर्च का नियम
अगर आप किसी सप्लायर, मज़दूर या मकान मालिक को एक दिन में ₹10,000 से ज़्यादा नकद देते हैं, तो पूरा भुगतान बिज़नेस खर्च में नहीं गिना जाएगा (Sec 36(4))। उदाहरण: बढ़ई को ₹14,000 नकद दिए — टैक्स के लिए आपका मुनाफ़ा ₹14,000 बढ़ गया, 30% पर करीब ₹4,200 ज़्यादा टैक्स। यही भुगतान UPI से करने पर कोई नुकसान नहीं।
नकद से audit और presumptive सीमा भी तय होती है
- Presumptive tax (Sec 58, पुराना 44AD): turnover सीमा ₹2 करोड़, और अगर नकद प्राप्ति turnover के 5% के अंदर हो तो ₹3 करोड़। डिजिटल प्राप्ति पर 6% और बाकी पर 8% मुनाफ़ा माना जाता है।
- Tax audit (Sec 63, पुराना 44AB): ₹1 करोड़ turnover से ऊपर ज़रूरी, और अगर नकद प्राप्ति व नकद भुगतान दोनों 5% के अंदर हों तो ₹10 करोड़।
प्लेबुक: नकद को सुरक्षित रखें
- काउंटर पर एक ग्राहक, एक दिन, एक ऑर्डर के लिए ₹1,99,999 की नकद सीमा रखें।
- दोस्त, रिश्तेदार या सप्लायर से ₹20,000 या ज़्यादा का लोन नकद में न लें, न लौटाएँ।
- ₹10,000 से ऊपर के खर्च UPI या bank transfer से दें।
- हर प्राप्ति उसी दिन उसके mode (नकद या बैंक) के साथ दर्ज करें।
- दिन के अंत में गल्ले की नकदी को cash book से मिलाएँ।
DAM में नकद और बैंक अलग-अलग दर्ज करें
ये steps DAM के in-app search (Receive Money, Pay Money, Day Book) से हैं।
- Search खोलें और Receive Money टाइप करें। रकम डालें और Add Payment Mode से Cash in Hand या अपना Bank Account चुनें।
- भुगतान के लिए Pay Money सर्च करें और इसी तरह mode चुनें।
- Day Book सर्च करके तारीख-वार सारे लेन-देन देखें और कोई बड़ी नकद entry पकड़ें।
नकद और बैंक का हिसाब रोज़ अलग
हर लेन-देन को mode के साथ दर्ज करें ताकि बड़ी नकद entry नज़र से न छूटे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
2026 में एक दिन की नकद सीमा क्या है?
एक व्यक्ति से एक दिन में, एक सौदे या एक मौके के लिए ₹2 लाख या ज़्यादा नकद नहीं ले सकते (Sec 186, Income-tax Act 2025)।
Section 269ST अब क्या कहलाता है?
Tax year 2026-27 से Income-tax Act, 2025 की Section 186। Penalty की section 451 है।
Penalty कौन देगा — खरीदार या विक्रेता?
जो नकद लेता है।
क्या UPI नकद माना जाता है?
नहीं। UPI prescribed electronic mode है और इन सीमाओं के लिए सुरक्षित है।
क्या ₹10,000 से ज़्यादा वेतन नकद दे सकते हैं?
₹10,000 प्रति दिन की नामंज़ूरी मज़दूरी समेत बिज़नेस खर्चों पर लागू है, जब तक कोई prescribed छूट न हो। सुरक्षित रहने के लिए बैंक या UPI से दें।
स्रोत
सामग्री 23 अक्टूबर 2026 को जाँची गई। Income-tax Act, 2025 — Sections 36, 185, 186, 188, 450, 451, 453 · Income Tax Department।
अस्वीकरण: यह लेख केवल जानकारी के लिए है, औपचारिक कर, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं। कोई भी कदम उठाने से पहले किसी registered Chartered Accountant (CA) से पुष्टि करें।