मार्जिन और मार्कअप: सामान की कीमत का आसान हिसाब

₹100 का सामान ₹125 में बेचते हैं। लागत पर 25% बढ़ाया, लेकिन सकल मार्जिन 20% है। दोनों को एक मानने से सोचा हुआ लाभ गलत निकल सकता है।

ये उदाहरण टैक्स और दुकान के दूसरे खर्च के बिना हैं। लागत और बिक्री एक जैसे टैक्स आधार पर लें। यह शुद्ध दुकान लाभ नहीं है।

मार्कअप का आधार लागत है। मार्जिन का आधार बिक्री कीमत है। ₹25 का वही लाभ अलग प्रतिशत देता है।

एक सामान, दो प्रतिशत

प्रतिशत अलग होने से रकम नहीं बदली; आधार अलग है।

लक्ष्य से कीमत निकालें

₹100 लागत पर 25% मार्कअप: ₹100 × 1.25 = ₹125।

25% सकल मार्जिन: ₹100 ÷ (1 − 0.25) = लगभग ₹133.33। राउंडिंग अपनी कीमत नीति से जाँचें। सकारात्मक लागत में 100% मार्जिन सीमित कीमत से संभव नहीं; सूत्र में लक्ष्य 100% से कम रखें।

डिस्काउंट का असर

₹125 पर 10% डिस्काउंट के बाद बिक्री ₹112.50 है। लागत ₹100 हो तो सकल लाभ ₹12.50 और मार्जिन लगभग 11.11% है। इस उदाहरण में ₹25 का लाभ आधा हुआ। किराया और वेतन जैसे दूसरे खर्च इसके बाद हैं।

कीमत जाँच की सूची

लागत, कीमत, डिस्काउंट और वास्तविक बिक्री लिखें।

बॉक्स में खरीद और पीस में बिक्री हो तो पहले प्रति पीस लागत निकालें।

DAM में लागू करें

Add Product में सही यूनिट का Cost Price जाँचें। New Sale में अपनी कीमत और डिस्काउंट का बिल देखें। बाद की रिपोर्ट के लिए सही जानकारी जरूरी है।

हार्डवेयर यूनिट गाइड और विश्वविद्यालय की मार्जिन-मार्कअप वर्कशीट से फर्क समझें।

क्या सकल मार्जिन घर ले जाने वाले पैसे हैं?

नहीं। बाकी खर्च अभी घटे नहीं हैं। वसूली और लाभ भी अलग हैं।

हर सामान पर समान मार्जिन रखें?

सूत्र नीति तय नहीं करता। मांग, प्रतिस्पर्धा, नुकसान और खर्च सामान के अनुसार बदल सकते हैं।

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