बहुत से व्यापारी केवल बिक्री (Sale) के बिल काटने पर ध्यान देते हैं, लेकिन जब थोक व्यापारी या फैक्ट्री से नया माल आता है तो उसके परचेज बिल को ऐप में नहीं चढ़ाते। इस लापरवाही के कारण दुकान का स्टॉक कभी सही नहीं रहता और जीएसटी रिटर्न भरते समय मिलने वाला भारी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) हाथ से छूट जाता है।
टैक्स बचत का नियम: खरीद के समय चुकाया गया हर रुपया जीएसटी आपकी देनदारी से कम हो जाता है। तुरंत परचेज एंट्री करने से आपको सरकार को अपनी जेब से ज्यादा टैक्स नहीं देना पड़ता।
DAM में परचेज बिल चढ़ाने के 4 मुख्य फायदे
1. ऑटोमैटिक स्टॉक बढ़ोतरी
जैसे ही आप 50 पीस का खरीद बिल सेव करेंगे, गोदाम में उस सामान की संख्या अपने आप 50 बढ़ जाएगी। आपको अलग से स्टॉक एडिट करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
2. सप्लायर का लेजर (खाता) अपडेट
सप्लायर को कितना पैसा दिया और कितना बाकी रह गया, इसका साफ-सुथरा बहीखाता तैयार रहता है।
3. इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) रिपोर्ट
CGST, SGST और IGST की अलग-अलग रिपोर्ट अपने आप बन जाती है जिसे सीधे अपने CA को GSTR-3B रिटर्न फाइलिंग के लिए भेजा जा सकता है।
4. खरीद रेट में बदलाव का रिकॉर्ड
अगर सप्लायर ने माल का रेट बढ़ा दिया है, तो ऐप तुरंत नया रेट अपडेट कर देता है जिससे आपको पता चलता है कि अब बिक्री मूल्य क्या रखना चाहिए।
DAM में परचेज बिल कैसे दर्ज करें?
DAM ऐप खोलें, सर्च बार (वेब पर ⌘K) में new purchase टाइप करें और New Purchase चुनें।
- सप्लायर / वेंडर पार्टी चुनें (उनका GSTIN और राज्य अपने आप भर जाता है)।
- सप्लायर का Bill No. और बिल की तारीख डालें।
- Add Item से सामान, खरीदी गई मात्रा (Qty), रेट और GST जोड़ें।
- Amount Paid सेट करें: Cash/Bank/UPI से पूरा भुगतान करें, या क्रेडिट (उधार) छोड़ दें ताकि यह वेंडर के देय खाते में जुड़े।
- Save Purchase पर टैप करें। स्टॉक बढ़ता है और सप्लायर का देय खाता तुरंत अपडेट हो जाता है।
खरीद और स्टॉक का पक्का हिसाब रखें
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