बिलिंग के बाद बदलाव होते रहते हैं: ग्राहक सामान लौटाता है, आपने कम चार्ज किया, या बाद में छूट दी। GST में आप मूल इनवॉइस को मिटाते या बदलते नहीं। इसके बजाय उसे समायोजित करने के लिए credit note या debit note जारी करते हैं।

याद रखने का आसान तरीका: credit note घटाता है कि ग्राहक कितना देना है; debit note बढ़ाता है। GST में दोनों सप्लायर जारी करता है।

Credit note क्या है?

सप्लायर credit note तब जारी करता है जब मूल इनवॉइस का मूल्य या टैक्स घटाना हो। आम कारण:

Credit note आपकी output टैक्स देनदारी घटाता है।

Debit note क्या है?

सप्लायर debit note तब जारी करता है जब मूल्य या टैक्स बढ़ाना हो। आम कारण:

Debit note आपकी output टैक्स देनदारी बढ़ाता है।

एक नज़र में फ़र्क़

Credit noteDebit note
इनवॉइस मूल्य पर असरघटाता हैबढ़ाता है
कौन जारी करता है (GST में)सप्लायरसप्लायर
टैक्स पर असरoutput टैक्स घटाता हैoutput टैक्स बढ़ाता है
आम वजहवापसी, छूट, ज़्यादा चार्जकम चार्ज, अतिरिक्त आपूर्ति

एक त्वरित उदाहरण

आप ₹10,000 + 18% GST = ₹11,800 का सामान बेचते हैं। ग्राहक एक-चौथाई ऑर्डर लौटाता है। आप ₹2,500 + ₹450 GST = ₹2,950 का credit note जारी करते हैं, जिससे उसका बकाया और आपका टैक्स दोनों घटते हैं।

अब मान लीजिए आपने गलती से ₹10,000 के बजाय ₹8,000 बिल किया। तो ₹2,000 की कमी + ₹360 GST का debit note जारी कर उसे सुधारते हैं।

ध्यान रखने योग्य नियम

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Debit note और credit note में क्या फ़र्क़ है?

Credit note इनवॉइस के मूल्य या टैक्स को घटाता है (वापसी, छूट या ज़्यादा चार्ज पर), जबकि debit note बढ़ाता है (कम चार्ज या अतिरिक्त आपूर्ति पर)। GST में दोनों सप्लायर जारी करता है।

GST में credit note कौन जारी करता है?

सप्लायर credit note जारी करता है। भले ही खरीदार अपनी बही में commercial debit note बनाए, GST में देनदारी समायोजित करने वाला tax credit/debit note सप्लायर ही जारी करता है।

क्या credit note जारी करने की समय-सीमा है?

हाँ। टैक्स घटाने वाला credit note आम तौर पर मूल इनवॉइस के वित्तीय वर्ष के बाद वार्षिक रिटर्न की समय-सीमा या 30 नवंबर, जो पहले हो, तक जारी करना होता है।