दस साल पहले दुकान का हिसाब रखना यानी बही-खाता, कैलकुलेटर और भरोसा। आज एक GST-रजिस्टर्ड दुकान को सही टैक्स इनवॉइस बनाना, HSN कोड रखना, टैक्स को CGST और SGST (या राज्य के बाहर बिक्री पर IGST) में बाँटना और हर महीने रिटर्न भरना पड़ता है। यह सब हाथ से करना धीमा और गलतियों भरा है।

एक अच्छा GST बिलिंग ऐप यह सारी मुश्किल हटा देता है। लेकिन ऐप स्टोर इनसे भरा पड़ा है, और ज़्यादातर दुकानदार गलत ऐप चुन लेते हैं। आइए इसे ठीक करें।

समय कम है? सबसे अच्छा ऐप वही है जिसे आपका स्टाफ़ रोज़ आसानी से इस्तेमाल करे। पहले बिल बनाने की रफ़्तार, फिर ऑफ़लाइन सपोर्ट, फिर सही GST — इसी क्रम में देखें।

GST इनवॉइस में क्या-क्या ज़रूरी है

ऐप चुनने से पहले जान लें कि कानूनन बिल पर क्या छपना चाहिए। एक रजिस्टर्ड कारोबार के टैक्स इनवॉइस में होना चाहिए:

कोई भी अच्छा ऐप यह सब अपने-आप भर देता है। अगर हर बिल पर आपको HSN कोड या टैक्स खुद टाइप करना पड़े, तो समझिए ऐप ठीक से काम नहीं कर रहा।

CGST, SGST और IGST — याद रखने का एक नियम

अगर ग्राहक आपके राज्य में है, तो GST को CGST + SGST में बाँटें। अगर ग्राहक दूसरे राज्य में है, तो उतनी ही कुल दर पर एक IGST लगाएँ।

यानी राज्य के अंदर 18% GST = 9% CGST + 9% SGST। दूसरे राज्य में वही बिक्री = सीधा 18% IGST। अच्छा ऐप ग्राहक का राज्य चुनते ही यह खुद तय कर लेता है।

बिक्री का प्रकारउदाहरण दरटैक्स बँटवारा
अपने राज्य में (intra-state)18%9% CGST + 9% SGST
दूसरे राज्य में (inter-state)18%18% IGST
GST रजिस्टर्ड नहींBill of Supply (कोई टैक्स नहीं)

7 फ़ीचर जो सचमुच मायने रखते हैं

1. बिल बनाने की रफ़्तार

बिल बनाकर प्रिंट करने में 30 सेकंड से कम लगना चाहिए — सेव किए हुए आइटम, क्विक सर्च और बारकोड स्कैन के साथ।

2. ऑफ़लाइन चले

दुकानों में इंटरनेट अक्सर चला जाता है। बिना सिग्नल के भी बिलिंग चलती रहनी चाहिए और बाद में सिंक हो जाए।

3. सही GST, अपने-आप

HSN कोड, टैक्स स्लैब और CGST/SGST/IGST बँटवारा आइटम और ग्राहक के राज्य के हिसाब से खुद लग जाए।

4. थर्मल प्रिंटर सपोर्ट

ज़्यादातर काउंटर छोटे ब्लूटूथ थर्मल प्रिंटर इस्तेमाल करते हैं। ऐप को उस पर साफ़ रसीद और ज़रूरत पड़ने पर A4/PDF इनवॉइस दोनों देना चाहिए।

5. पार्टी लेजर और उधार ट्रैकिंग

भारत का आधा रिटेल उधार पर चलता है। ऐप को हर ग्राहक और सप्लायर का बकाया बैलेंस अपने-आप रखना चाहिए। देखें उधार कैसे ट्रैक करें

6. अपने-आप अपडेट होता स्टॉक

बिक्री पर स्टॉक घटे, खरीद पर बढ़े, और कम स्टॉक पर अलर्ट मिले।

7. अकाउंटेंट को देने लायक रिपोर्ट

GST-रेडी बिक्री और खरीद का ब्यौरा, जिससे रिटर्न भरना पाँच मिनट का काम बन जाए।

आम गलती: सबसे ज़्यादा फ़ीचर वाला ऐप चुन लेना। जिसे दिन में 80 बिल बनाने हैं, उसके लिए तेज़ और भरोसेमंद ऐप 200 रिपोर्ट वाले ऐप से बेहतर है।

क्या शुरू करने के लिए GST ज़रूरी है?

नहीं। अगर आपका टर्नओवर रजिस्ट्रेशन सीमा से कम है, तो आप Bill of Supply से बिल बना सकते हैं — बिना GST, बिना GSTIN। अच्छा ऐप आपको बिना GST शुरू करने और रजिस्टर होते ही GST चालू करने देता है। जानें GST रजिस्ट्रेशन कैसे करें

DAM का तरीका

हम DAM ख़ास भारतीय दुकानदारों के लिए बनाते हैं: सेकंड में बिलिंग, पूरा ऑफ़लाइन मोड, अपने-आप GST, ब्लूटूथ थर्मल प्रिंटिंग, पार्टी लेजर, अपने-आप अपडेट होता स्टॉक, और GST-रेडी रिपोर्ट — हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में। ऐप में रजिस्टर करने पर 31 मार्च 2027 तक Gold प्लान मुफ़्त।

एक मिनट से भी कम में पहला बिल बनाएँ

DAM आपके लिए GST, प्रिंटिंग, स्टॉक और लेजर संभालता है — ऐप में रजिस्टर करने पर 31 मार्च 2027 तक Gold प्लान मुफ़्त।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या छोटी दुकानों के लिए GST बिलिंग ऐप ज़रूरी है?

कानूनन ज़रूरी नहीं, पर अगर आप GST-रजिस्टर्ड हैं तो आपके टैक्स इनवॉइस पर GSTIN, HSN कोड और सही टैक्स बँटवारा होना चाहिए। ऐप यह अपने-आप भरता है और आपको ऑडिट-रेडी रखता है।

क्या बिना GST नंबर के बिलिंग ऐप इस्तेमाल कर सकते हैं?

हाँ। बिना रजिस्ट्रेशन आप टैक्स इनवॉइस की जगह Bill of Supply बना सकते हैं। अच्छा ऐप बिना GST बिलिंग और बाद में GST चालू करने की सुविधा देता है।

टैक्स इनवॉइस और bill of supply में क्या फ़र्क़ है?

टैक्स इनवॉइस GST-रजिस्टर्ड कारोबार बनाता है और उस पर लगने वाला GST दिखता है। Bill of Supply तब बनता है जब कोई GST नहीं लगता — जैसे अनरजिस्टर्ड डीलर या छूट वाले सामान पर।